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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और कà¥à¤¯à¤¾ न खाà¤à¤‚ -
हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला यही चाहती है कि जनà¥à¤® के समय उसका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ हो। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अपने आहार में कई नई चीजों को शामिल करती हैं। फिर à¤à¥€ अधिकतर महिलाओं को यह पता नहीं होता कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद कà¥à¤¯à¤¾ और कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना चाहिà¤à¥¤ दरअसल, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खाई जाने वाली चीजों के साथ कई तरह की à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियां और मिथक जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं। इस वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ खाने-पीने की चीजों को लेकर असमंजस में रहती हैं। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खान-पान के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। साथ ही à¤à¤• डाइट चारà¥à¤Ÿ à¤à¥€ दिया गया है।
आइà¤, लेख की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में जानते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कà¥à¤¯à¤¾ खाना फायदेमंद होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤?
अगर आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो अपने खान-पान में नीचे बताई गई चीजों को जरूर शामिल करें :
1. डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦
शिशॠके विकास के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होगी। 19 से 50 साल तक की उमà¥à¤° वाली गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर को रोजाना 1,000mg कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है (1)। इसलिà¤, आप अपने खान-पान में डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को जरूर शामिल करें। दही, छाछ व दूध आदि जैसे डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास के लिठफायदेमंद होते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पॉशà¥à¤šà¤°à¥€à¤•ृत डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिठ(2)। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के लिठडेयर उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जरूर खाà¤à¤‚, लेकिन सà¥à¤•िमà¥à¤¡ मिलà¥à¤• और कम वसा वाले दही का सेवन करें।
2. बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को अपने खान-पान में हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जरूर शामिल करनी चाहिà¤à¥¤ इसलिà¤, आप पालक, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली (à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की गोà¤à¥€), आदि सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जरूर खाà¤à¤‚। पालक में मौजूद आयरन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खून की कमी को दूर करता है (3)।
3. सूखे मेवे
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सूखे मेवों को à¤à¥€ अपने खान-पान में शामिल करें। मेवों में कई तरह के विटामिन, कैलोरी, फाइबर व ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आदि पाठजाते हैं, जो सेहत के लिठअचà¥à¤›à¥‡ होते हैं। अगर आपको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नहीं है, तो अपने खान-पान में काजू, बादाम व अखरोट आदि को शामिल करें। अखरोट में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है। इसके अलावा, बादाम और काजू à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फायदा पहà¥à¤‚चा सकते हैं (3)।
4. शकरकंद
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शकरकंद (सà¥à¤µà¥€à¤Ÿ पोटैटो) खाना à¤à¥€ फायदेमंद हो सकता है। इसमें विटामिन-ठहोता है, जो शिशॠकी देखने की शकà¥à¤¤à¤¿ को विकसित करने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी, फोलेट और फाइबर à¤à¥€ होता है (5) (4)।
5. साबूत अनाज
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान साबूत अनाज को अपने आहार में जरूर शामिल करें। खासतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान साबूत अनाजों का सेवन फायदेमंद होता है। इससे आपको à¤à¤°à¤ªà¥‚र कैलोरी मिलती है, जो गरà¥à¤ में शिशॠके विकास में मदद करती है। आप साबूत अनाज के तौर पर ओटà¥à¤¸, किनोआ व à¤à¥‚रे चावल आदि को अपने आहार में शामिल कर सकती हैं। इन अनाजों में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है। इसके अलावा, इनमें फाइबर, विटामिन-बी और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ मौजूद होता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फायदा पहà¥à¤‚चा सकते हैं (6)।
हमेशा कम वसा वाला आहार खाà¤à¤‚, ताकि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ की कैलोरी की मातà¥à¤°à¤¾ में अधिक वृदà¥à¤§à¤¿ न हो। जितना हो सके कम तले à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करें। संà¤à¤µ हो तो तले हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से दूरी ही बनाकर रखें। साथ ही à¤à¤¸à¥‡ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचें, जिनमें अतिरिकà¥à¤¤ शकà¥à¤•र होती है। मिठाई, केक और बिसà¥à¤•à¥à¤Ÿ में उचà¥à¤š वसा और चीनी की मातà¥à¤°à¤¾ होती है।
6. à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो
à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो à¤à¤¸à¤¾ फल है, जिसे हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को खाने की सलाह दी जाती है। इसमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फोलेट होता है, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और उसकी रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के विकास के लिठबेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा, à¤à¤µà¥‹à¤•ैडो में विटामिन-के, पोटैशियम, कॉपर, मोनोअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट व विटामिन-ई आदि à¤à¥€ मौजूद होता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को रोजाना à¤à¤• à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो खाने की सलाह दी जाती है। (7)
7. कॉड लीवर तेल
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कॉड लीवर तेल का सेवन à¤à¥€ फायदेमंद होता है। यह तेल कॉड मछली के लीवर से बनाया जाता है। इसमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡, विटामिन-डी और विटामिन-ठहोता है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠकी आंखों और दिमाग के विकास के लिठजरूरी माना जाता है। इसके अलावा, कॉड लीवर तेल गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको टाइप-1 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के खतरे से à¤à¥€ बचा सकता है। à¤à¤• शोध में यह साबित हà¥à¤† है कि जो महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कॉड लीवर तेल का सेवन करती हैं, उनके शिशॠको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होने का खतरा कम होता है (8)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में उतनी ही मातà¥à¤°à¤¾ में कॉड लीवर तेल का सेवन करें, जिससे आपके शरीर को 300 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® विटामिन-ठऔर 100 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® विटामिन-डी की आपूरà¥à¤¤à¤¿ हो जाà¤à¥¤ इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में कॉड लीवर तेल का सेवन करने से à¤à¥à¤°à¥‚ण को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है (9)।
8. अंडा
अंडा पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का खजाना होता है। रोज अंडा खाने से शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ बनी रहती है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¥€ अपने आहार में अंडे को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ अंडे में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कोलीन, बायोटीन, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤², विटामिन-डी और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पाठजाते हैं। इसके अलावा à¤à¤• बड़े अंडे में 77 कैलोरी ऊरà¥à¤œà¤¾ होती है। इसलिà¤, अंडे को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठफायदेमंद माना गया है (10)।
9. बिना वसा का मांस
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला मांसाहारी है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने खान-पान में मीट को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ मांस में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में लौह ततà¥à¤µ (आयरन), जिंक और विटामिन-बी12 होता है। अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो इसकी वजह से उनके खून में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° गिरने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठमांस का सेवन लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• साबित हो सकता है। हालांकि, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को बिना वसा वाले मांस को ही अपने खान-पान में शामिल करना चाहिठ(11)।
10. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पिà¤à¤‚
हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को तो इस नियम का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कड़ाई से पालन करना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पानी की कमी से सिरदरà¥à¤¦, थकान व कबà¥à¤œ आदि जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को हमेशा खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखने की सलाह दी जाती है (12)।
11. फल और फलों का जूस
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिला को तरह-तरह के मौसमी फल खाने चाहिà¤à¥¤ हो सके तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संतरा, तरबूज व नाशपाती आदि जैसे फलों को अपने आहार में शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, इन फलों का रस à¤à¥€ पी सकती हैं। दरअसल, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अलग-अलग चार रंगों के फल खाने की सलाह दी जाती है (13)। वसा और कैलोरी में उचà¥à¤š खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की जगह रोज फल व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कम से कम पांच हिसà¥à¤¸à¥‡ खाà¤à¤‚। साथ ही पैकेड फà¥à¤°à¥‚ट जूस का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤
12. बेर की पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ के फल
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बेर की पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ वाले फलों का सेवन à¤à¥€ फायदेमंद माना जाता है। इनमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पानी, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और विटामिन-सी होता है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास के लिठजरूरी होता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अपने खान-पान में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ व बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी आदि फलों को शामिल करना चाहिà¤à¥¤
13. फलियां
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फलियों का सेवन जरूर करना चाहिà¤à¥¤ इनमें फोलेट, आयरन, पोटैशियम, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व फाइबर आदि मौजूद होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठफायदेमंद माना जाता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को मटर, चना व सोयाबीन आदि खाने की सलाह दी जाती है (14)।
आइà¤, अब उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में जानते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में खाने की सलाह नहीं दी जाती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤?
à¤à¤¸à¥€ कई चीजें हैं, जिनका सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को नहीं करना चाहिà¤à¥¤ नीचे हम आपको à¤à¤•-à¤à¤• करके à¤à¤¸à¥€ चीजों के नाम बताने जा रहे हैं, जिनसे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को परहेज करना चाहिठ:
1. कà¤à¥€ à¤à¥€ कचà¥à¤šà¤¾ अंडा न खाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को अचà¥à¤›à¥€ तरह से पका हà¥à¤† अंडा ही खाना चाहिà¤à¥¤ अधपके अंडे के सेवन से सालमोनेला संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा हो सकता है। इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (15)।
2. शराब व धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से दूरी
नशीली चीजों का सेवन हर किसी के लिठहानिकारक होता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को तो केवल शराब ही नहीं, बलà¥à¤•ि हर तरह के नशे से दूर रहना चाहिà¤à¥¤ दरअसल, शराब के सेवन से गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠपर बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। शराब से à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिमागी और शारीरिक विकास में बाधा आती है। इतना ही नहीं, शराब पीने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है (13)। वहीं, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ के कारण समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो सकता है। साथ ही जनà¥à¤® के समय शिशॠका वजन कम हो सकता है। शिशॠको इसके अलावा à¤à¥€ कई तरह की गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं, जिनमें सडन इंफेंट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (SIDS) à¤à¥€ शामिल है।
3. कैफीन का सेवन न करें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° बहà¥à¤¤ कम मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन लेने की सलाह देते हैं। चाय, कॉफी और चॉकलेट जैसी चीजों में कैफीन पाया जाता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन लेने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, कैफीन का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करने से जनà¥à¤® के समय शिशॠका वजन कम रह सकता है। हालांकि, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान रोजाना 200 मिलिगà¥à¤°à¤¾à¤® तक कैफीन के सेवन को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। (16)
4. उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° के पारे वाली मछली न खाà¤à¤‚
जैसा कि हम पहले बता चà¥à¤•े हैं, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मछली खाना फायदेमंद होता है, लेकिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¤¸à¥€ मछलियों को खाने से बचना चाहिà¤, जिनके शरीर में पारे का सà¥à¤¤à¤° अधिक होता है। जैसे कि सà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¶ मेकरल, मारà¥à¤²à¤¿à¤¨ या शारà¥à¤•, किंग मकरल और टिलेफिश जैसी मछलियों में पारे का सà¥à¤¤à¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। à¤à¤¸à¥€ मछलियों को खाने से à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में बाधा आ सकती है। (17)
5. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¤¾ पपीता न खाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¤¾ पपीता खाना असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है। कचà¥à¤šà¥‡ पपीते में à¤à¤¸à¤¾ केमिकल पाया गया है, जो à¤à¥à¤°à¥‚ण को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¤¾ पपीता खाने से बचें। (18)
6. कचà¥à¤šà¥€ अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ चीजें न खाà¤à¤‚
यूं तो अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ नाशà¥à¤¤à¤¾ सेहत के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¥€ अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ चीजें खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ दरअसल, कचà¥à¤šà¥€ अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ दालों में सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾, लिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और ई-कोलाई जैसे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मौजूद होते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को उलà¥à¤Ÿà¥€ या दसà¥à¤¤ की शिकायत हो सकती है और मां के साथ-साथ शिशॠकी सेहत को à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है (19)।
7. कà¥à¤°à¥€à¤® दूध से बना पनीर न खाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤°à¥€à¤® दूध से बना पनीर नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ चूंकि, इस तरह के पनीर को बनाने में पॉशà¥à¤šà¤°à¥€à¤•ृत दूध का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं किया जाता है, इसलिठइसमें लिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नाम का बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मौजूद होता है। इस बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ और समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ का खतरा बढ़ सकता है (20)।
8. कचà¥à¤šà¥‡ मांस का सेवन न करें
अगर आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो कचà¥à¤šà¤¾ मांस बिलà¥à¤•à¥à¤² न खाà¤à¤‚। इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप अगर मांस खा रही हैं, तो वो पूरी तरह से पका हà¥à¤† हो। कचà¥à¤šà¤¾ मांस आपको टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¤²à¥‰à¤¸à¥à¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकता है। इससे गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा बढ़ सकता है (21)।
9. बिना धà¥à¤²à¥€ हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फल न खाà¤à¤‚
किसी à¤à¥€ फल और सबà¥à¤œà¥€ को खाने से पहले उसे अचà¥à¤›à¥€ तरह धोना न à¤à¥‚लें। बिना धà¥à¤²à¥€ हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¥€ और फल में टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ नाम का बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मौजूद हो सकता है, जिससे शिशॠके विकास में बाधा आती है (22)।
10. घर में बनी आइसकà¥à¤°à¥€à¤® न खाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में घर में बनी आइसकà¥à¤°à¥€à¤® खाने से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤ आमतौर पर इसे बनाने के लिठकचà¥à¤šà¥‡ अंडों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है। हम आपको पहले ही बता चà¥à¤•े हैं कि कचà¥à¤šà¥‡ अंडे से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को सालमोनेला संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है (23)।
लेख में आगे आप विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ डाइट चारà¥à¤Ÿ के बारे में जानेंगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आहार चारà¥à¤Ÿ
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤• आम महिला के लिठयह जानना अहमियत रखता है कि उसे कौन-सी चीजें किस मातà¥à¤°à¤¾ में खानी चाहिà¤à¥¤ उसकी इसी जरूरत को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ हम नीचे à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ डाइट चारà¥à¤Ÿ दे रहे है, जिसे खासतौर पर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर चà¥à¤•ी महिलाओं के लिठही तैयार किया गया है। आपको बता दें कि इस यूनीक डाइट चारà¥à¤Ÿ को राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पोषण संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, हैदराबाद ने बनाया है। साथ ही यह सैंपल चारà¥à¤Ÿ है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसमें परिरà¥à¤µà¤¤à¤¨ किया जा सकता है (24)।
सà¥à¤¬à¤¹ सात बजे :
कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ कैलोरी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (गà¥à¤°à¤¾à¤®) फायदे
à¤à¤• गिलास दूध 150 4 सà¥à¤¬à¤¹ दूध पीने से à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥€à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है।
गेहूं के दो बिसà¥à¤•à¥à¤Ÿ या रसà¥à¤• 50 2 गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली मितली की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत मिल सकती है।
à¤à¥€à¤—े हà¥à¤ छह बादाम 50 4 शरीर को ताकत मिलती है।
सà¥à¤¬à¤¹ नौ बजे का नाशà¥à¤¤à¤¾ :
गाजर के दो à¤à¤°à¤µà¤¾à¤‚ पराठे 200 6 गाजर में मौजूद फाइबर पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को बेहतर बनाठरख सकता है।
à¤à¤• कप दही 75 4 शरीर को पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के साथ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन-डी à¤à¥€ मिलता है।
या फिर दो अंडों का ऑमलेट 160 10 शरीर को à¤à¤°à¤ªà¥‚र पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मिलता है।
या फिर दो à¤à¥‚री बà¥à¤°à¥‡à¤¡ à¤à¥‚न कर खाà¤à¤‚ 100 3 यह फाइबर का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है और आपकी पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाता है।
या फिर उपमा खाà¤à¤‚ 250 3 यह शरीर को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और फाइबर की आपूरà¥à¤¤à¤¿ करता है।
इसके अलावा, पोहा, मूंग दाल या पनीर का चीला à¤à¥€ नाशà¥à¤¤à¥‡ में लिया जा सकता है।
सà¥à¤¬à¤¹ 11 बजे सेब, संतरा या अनार में से कोई à¤à¤• फल खाà¤à¤‚। इससे शरीर में पानी का सà¥à¤¤à¤° सही बना रहता है।
सà¥à¤¬à¤¹ 12 बजे à¤à¤• गिलास नारियल पानी या नींबू पानी पिà¤à¤‚। यह आपको कबà¥à¤œ और गैस जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ कैलोरी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (गà¥à¤°à¤¾à¤®) फायदे
गेहूं के आटे की दो रोटी 200 6 इससे शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ और फाइबर मिलता है।
à¤à¤• कटोरी दाल या मछली करी या पालक पनीर की सबà¥à¤œà¥€ 150 6 इससे शरीर को पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ व कई तरह के विटामिन और पोषक ततà¥à¤µ मिलते हैं।
खीरे और टमाटर की सलाद – – इससे शरीर को जरूरी खनिज मिलते हैं।
नींबू के साथ चावल 100 2 नींबू में विटामिन-सी होता है। इससे आपके शरीर से अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, दोपहर के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सोयाबीन की सबà¥à¤œà¥€ और कोफà¥à¤¤à¤¾ करी जैसी चीजें à¤à¥€ शामिल की जा सकती हैं।
2:30 बजे à¤à¤• गिलास छाछ पिà¤à¤‚, इससे हाजमा ठीक रहता है और शरीर को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® मिलता है।
4:30 बजे चाहें तो à¤à¤• कप चाय पिà¤à¤‚। हो सके तो इस समय ’गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी’ पिà¤à¤‚।
6:00 बजे à¤à¤• मà¥à¤ à¥à¤ ी à¤à¥‚ना हà¥à¤† चना या सूखे मेवे खाà¤à¤‚। यह आयरन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है।
7:30 बजे इस समय à¤à¤• कटोरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सूप या चिकन सूप पिया जा सकता है।
रात का खाना (8:00 बजे)
कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ कैलोरी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (गà¥à¤°à¤¾à¤®) फायदे
जà¥à¤µà¤¾à¤° या बाजरे की दो रोटी 200 6 रात को à¤à¤¸à¤¾ अनाज आसानी से हजम हो जाता है।
मेथी की सबà¥à¤œà¥€ और मूंग की दाल 150 4 इससे शरीर को आयरन और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मिलता है।
चà¥à¤•ंदर और गाजर की खीर 150 6 इससे खून में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है और शरीर को विटामिन-ठके साथ अनà¥à¤¯ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ à¤à¥€ मिलते हैं।
रात में खाना खाने के करीब दो घंटे बाद, à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® दूध, दो खजूर और दो बादाम खाà¤à¤‚। इससे अचà¥à¤›à¥€ नींद लेने में मदद मिलती है।
हमारे समाज में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खाने-पीने की चीजों को लेकर बहà¥à¤¤ सारे मिथक पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ हैं। इनमें से कई मिथकों पर तो पढ़े-लिखे लोग à¤à¥€ à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करते हैं। नीचे हम à¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› मिथकों और उनसे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं :
मिथक : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को दो लोगों के लिठखाना चाहिà¤à¥¤
तथà¥à¤¯ : यह बात पूरी तरह से गलत है। जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से वजन बढ़ता है, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके लिठहानिकारक हो सकता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में केवल पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ ही करना चाहिà¤à¥¤
मिथक : हलà¥à¤•े रंग का à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से गोरा बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होता है।
तथà¥à¤¯ : अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤¨à¤¾ जाता है कि हलà¥à¤•े रंग की कà¥à¤› खास चीजें, जैसे टोफ़ू, सोया उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, आदि खाने से गोरा बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होता है, लेकिन इस बात में कोई सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ नहीं है। बचà¥à¤šà¥‡ का रंग उसके जीन पर निरà¥à¤à¤° करता है, न कि किसी तरह के गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर।
मिथक : पपीता और अनानास खाने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो सकता है।
तथà¥à¤¯ : à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। पपीता अगर ठीक से पका हà¥à¤† हो, तो उसे खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है। गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° किसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ संबंधी परेशानियों के चलते होता है। रही बात अनानास की, तो उसे à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खाया जा सकता है।
मिथक : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जड़ी-बूटियां और टॉनिक लेने से बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होता है।
तथà¥à¤¯ : बाजार में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठकई तरह के टॉनिक उपलबà¥à¤§ हैं, लेकिन इनके सेवन से बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होने का कोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं है।
मिथक : फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤® दूध जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है।
तथà¥à¤¯ : कम फैट वाले दूध में à¤à¥€ उतने ही पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ होते हैं जितने फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤® दूध में। (25)
मिथक : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में केसर या संतरा खाने से गोरा बचà¥à¤šà¤¾ जनà¥à¤® लेता है।
तथà¥à¤¯ : यह बात पूरी तरह से मिथक है। सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ ये है कि शिशॠका रंग उसके जीन पर निरà¥à¤à¤° करता है। कà¥à¤› विशेष चीजें खाने से शिशॠके रंग पर कोई असर नहीं पड़ता है।
मिथक : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में घी या मकà¥à¤–न खाने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ में आसानी होती है।
तथà¥à¤¯ : यह बात à¤à¥€ पूरी तरह से गलत है। सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ ये है कि सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ कई बातों पर निरà¥à¤à¤° करता है, जैसे कि शिशॠके आकार। गरà¥à¤ में शिशॠकी अवसà¥à¤¥à¤¾ का पà¥à¤°à¤¸à¤µ की जटिलता या सरलता से सीधा संबंध होता है।
मिथक : मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है।
तथà¥à¤¯ : इस बात का कोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है। हां, मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पेट में जलन, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ या गैस की शिकायत हो सकती है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ औरतों को मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ से परहेज करना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
अब हम गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के मन में अकà¥à¤¸à¤° उठने वाले कà¥à¤› सवालों के जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं। à¤à¤²à¥‡ ही ये सवाल सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में बेहद सामानà¥à¤¯ लगें, लेकिन हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को इनके जवाब पता होने चाहिठ:
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मà¥à¤à¥‡ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लेने चाहिà¤?
हां, खासतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ तीन महीनों में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लेने चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी सेहत को देखते हà¥à¤ आयरन व विटामिन आदि के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लेने का सà¥à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ दे सकते हैं (26)।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हूं?
नहीं, à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ जरूरी नहीं है। बस इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप जो à¤à¥€ खाà¤à¤‚, उसमें सà¤à¥€ जरूरी पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद हों। आपको और आपके शिशॠको किसी à¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ की कमी नहीं होनी चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में आपको पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 1800 कैलोरी, दूसरी तिमाही में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 2200 कैलोरी और तीसरी तिमाही में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 2400 कैलोरी की जरूरत होती है। इसलिà¤, आपको अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत के हिसाब से à¤à¥€ तय करनी चाहिठ(27)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ कितनी बार करना उचित होता है?
आपको दिन में पांच से छह बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिà¤à¥¤ आपको अपने खान-पान के रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ में तीन बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने और दो बार हलà¥à¤•े सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ लेने की आदत को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ कोशिश करें कि हर दो घंटे में थोड़ा-थोड़ा कà¥à¤› न कà¥à¤› खाती रहें। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपका पाचन à¤à¥€ सही रहेगा और गैस या à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की शिकायत à¤à¥€ नहीं होगी (28)।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠका जनà¥à¤® इसी बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मां का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कैसा रहा है। इसके लिठमां को हमेशा संंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ छोटी-सी गलती à¤à¥€ होने वाले शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर à¤à¤¾à¤°à¥€ साबित हो सकती है। इसलिà¤, नियमित रूप से डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप करवाà¤à¤‚ और à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर पूछें कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ में आपके लिठकà¥à¤¯à¤¾ सही है और
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